, July 9 -- इस मौके पर मुख्य अतिथि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि नवजातों की सुरक्षित देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस राष्ट्रीय पहल के लिए एम्स पटना की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण देशभर में नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई मजबूती देगा।विशिष्ट अतिथि डॉ. सुजाता चौधरी, अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रमुख, राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सचिवालय ने कहा कि रोगी सुरक्षा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित उपचार प्रणाली और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि नवजातों की सुरक्षित देखभाल केवल तकनीक से नहीं बल्कि प्रशिक्षित और संवेदनशील स्वास्थ्यकर्मियों से संभव है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण देशभर में सुरक्षित नवजात देखभाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सचिवालय के उप सहायक महानिदेशक डॉ. अविनाश सुंथलिया ने स्वास्थ्य सेवाओं में टीमवर्क, प्रभावी संवाद और मानकीकृत प्रक्रियाओं को रोगी सुरक्षा का आधार बताया।

पीरामल फाउंडेशन के जीएवीबी के अध्यक्ष डॉ. सुनील बाबू ने सुरक्षित नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान कुमार रवि, आईएएस, डॉ. सुजाता चौधरी और प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने एम्स पटना परिसर में पौधारोपण भी किया। यह पौधारोपण सुरक्षित भविष्य और स्वस्थ पर्यावरण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक रहा।

इस अवसर पर एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डीन (अकादमिक, प्रभारी) प्रो. डॉ. संजय कुमार पांडेय, नवजात शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भबेश कांत चौधरी, आपातकालीन चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंदु भूषण, संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, राष्ट्रीय प्रशिक्षक तथा देशभर से आए स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण के समापन पर सभी 57 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रमाणित किया जाएगा। इसके बाद वे अपने-अपने संस्थानों में प्रशिक्षण देकर सुरक्षित नवजात देखभाल की इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे।

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