, Oct. 29 -- ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता देने, उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। विभाग में निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों का इलाज किया जाएगा।एम्स पटना में इस योजना के लिए नामित नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा (उप चिकित्सा अधीक्षक) इसके क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों का समन्वय करेंगे। साथ ही, पात्र मरीजों के सत्यापन, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

पीएम-राहत योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में सहायता के लिए आम नागरिक राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस योजना की शुरुआत के साथ एम्स पटना ने बिहार के लोगों को सुलभ, समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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