, Sept. 23 -- विशेषज्ञों ने बताया कि गर्दन में असामान्य गांठ या सूजन, आवाज में बदलाव अथवा निगलने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच कराना महत्वपूर्ण है। थायरॉयड कैंसर के कई प्रकारों में समय पर निदान और समुचित उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डीन (एकेडमिक्स) डॉ. पूनम प्रसाद भदानी, डीन (रिसर्च) डॉ. संजय पांडे, विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग डॉ. अमित राज, प्रोफेसर फिजियोलॉजी डॉ. योगेश, विभागाध्यक्ष सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. जगजीत पांडे तथा प्रोफेसर जनरल मेडिसिन डॉ. रवि कीर्ति सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
वॉकेथॉन के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और सही उपचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम ने थायरॉयड कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व को भी रेखांकित किया।
एम्स पटना का नाभिकीय चिकित्सा विभाग कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और आधुनिक उपचार विकल्पों के बारे में आम लोगों तक वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर रहा है।
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