, July 24 -- एम्स पटना के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं भिष्म क्यूब कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने आपदा का एक काल्पनिक परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऐसी परिस्थितियों में संसाधनों का प्रबंधन, घायलों का उपचार, मरीजों की सुरक्षित निकासी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर तैयारी और मजबूत तालमेल ही किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की सबसे बड़ी कुंजी है।बैठक में सभी एजेंसियों ने 22 अगस्त 2026 को रोहतास के करमचट बांध में प्रस्तावित पूर्ण पैमाने के बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों का नहीं, बल्कि समय पर समन्वित कार्रवाई का भी विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए एम्स पटना हर स्तर पर तकनीकी और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी सहभागी एजेंसियां मिलकर बिहार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएंगी तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करेंगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित