, May 11 -- उद्घाटन अवसर पर प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि एम्स पटना लगातार ऐसी अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को संस्थान में शामिल कर रहा है जिससे बिहार एवं पूर्वी भारत के मरीजों को अपने राज्य में ही विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अब जटिल हृदय उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े महानगरों की तरफ जाने की आवश्यकता नहीं होगी जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों में ही राहत मिलेगी।उन्होंने कहा कि नई आईवीयूएसप्रणाली केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह शोध और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डीएम कार्डियोलॉजी के विद्यार्थियों एवं युवा इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एडवांस इमेजिंग गाइडेड प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण संस्थान में ही प्राप्त होगा। इससे भविष्य में बेहतर प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करने में मदद मिलेगी।

एम्स पटना में पिछले कुछ वर्षों में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। नई आईवीयूएस तकनीक के जुड़ने से अब जटिल हृदय रोगों के उपचार में संस्थान की क्षमता और अधिक मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा बिहार के हजारों हृदय रोगियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। एम्स पटना ने इस नई उपलब्धि के साथ एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाना ही संस्थान की प्राथमिकता है।

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