, May 15 -- बैठक के समापन पर श्री प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को सत्यापन में तेजी: राजस्व अधिकारी लंबित सत्यापन मामलों का निष्पादन युद्ध स्तर पर करें ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ ससमय मिल सके। उन्होंने राज्य में 40.55 लाख ऐसे किसान हैं जिनका ई-केवाईसीपूर्ण हो चुका है, लेकिन किसान रजिस्ट्री लंबित है, उसे अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिये।
श्री अमृत ने निर्देश दिये कि डिजिटल मैप सुधार: भू-संदर्भित ग्राम मानचित्रों में सुधार और शेष 11,000 गांवों के डेटा को शीघ्र अपडेट करने के लिये राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि 'एग्रीस्टैक' के माध्यम से किसानों की पहचान और समावेश सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा।
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