, Sept. 10 -- पटना विश्वविद्यालय एआईएसएफ के बिहार राज्य अध्यक्ष सुधीर ने कहा कि विश्वविद्यालय की गिरती शिक्षा व्यवस्था, अधिकारियों और छात्रों के बीच संवाद की कमी तथा छात्रों को विभिन्न सुविधाओं से वंचित रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जिस विश्वविद्यालय की अपनी शानदार भूमिका और गौरवशाली परंपरा रही है, उसकी छवि वर्तमान कुलपति के रवैये से धूमिल हो रही है।इस दौरान एआईएसएफ के पूर्व नेता जितेंद्र ने भी भूख हड़ताल को अपना समर्थन दिया और कहा, "जब मैं इस विश्वविद्यालय का छात्र हुआ करता था, तब इस विश्वविद्यालय में कई कुलपतियों के साथ हमारी लड़ाई रहती थी, लेकिन उस समय के कुलपति आंदोलनकारी छात्रों से मिलते थे। अभी के इस कुलपति ने तो तानाशाही की सारी सीमाओं को पार कर दिया है। मैं छात्रों की इस भूख हड़ताल को समर्थन देता हूं।"इस अवसर पर पटना विश्वविद्यालय नेता मीर सरफराज अली ने भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि आज जिस तरह देश में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है तथा फीस वृद्धि जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, उसी तरह पटना विश्वविद्यालय के कुलपति भी तानाशाही के रास्ते पर चल रहे हैं। यदि बात नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज होगा।
एआईएसएफ ने कहा है कि छात्रों की मांगों का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी और हम आगे की रणनीति बनाकर विश्वविद्यालय के कुलपति को झुकाने का काम करेंगे।
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