, May 22 -- जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बीते दो दशकों में बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में राज्य में जहां 53 हजार विद्यालय थे, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 75 हजार से अधिक हो गई है। आज प्रदेश के 97.61 प्रतिशत टोले सरकारी विद्यालयों से आच्छादित हो चुके हैं। श्री कुशवाहा ने कहा कि सभी पंचायतों में उच्च विद्यालयों की स्थापना एवं 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने से विशेष रूप से छात्राओं को बड़ी सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि साइकिल एवं पोशाक योजना के सकारात्मक परिणामस्वरूप आज मैट्रिक और इंटरमीडिएट में छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक हो गई है। इन योजनाओं की सराहना देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हुई तथा कई राज्यों ने इसे अपनाया।
जदयू अध्यक्ष श्री कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के सतत प्रयासों एवं दूरदर्शी नीतियों के कारण बिहार की साक्षरता दर लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वर्ष 2005 में शिक्षा बजट लगभग चार हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
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