, July 13 -- श्री किशोर ने बताया कि उच्च पर्यटक संख्या वाले स्थलों पर एडवेंचर स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ईओआई आमंत्रित किए गए हैं। राजगीर, करमचंड समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों को प्राइवेट पार्टनर्स के माध्यम से विकसित किया जाएगा। भीमबांध वाइल्डलाइफ सेंचुरी के लिए आरएफपी जारी किया जा चुका है। अन्य परियोजनाओं के लिए भी ईओआई आमंत्रित हैं। प्रत्येक परियोजना के लिए अलग डीपीआर तैयार किया जाएगा और सबसे कम वीजीएफ मांगने वाले निवेशक को मौका दिया जाएगा। विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरविंदर सिंह ने कहा कि बिहार में इकोटूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। रोहतास, करमचंड, मुंडेश्वरी, धुआकुंड, नालंदा (जू सफारी, नेचर सफारी, रोपवे), नवादा (ककोलत जलप्रपात), वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व, मुंगेर (भीमबांध), कुशेश्वर स्थान और ढोल पहाड़ी जैसे कई स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा चुका है।

श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने इन पर पिछले वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विभाग अब इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप(पीपीपी) मॉडल के तहत आगे बढ़ा रहा है। चयनित निवेशकों को 30 वर्ष की लीज पर स्थल उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी आवश्यक अनुमतियां समयबद्ध तरीके से दी जाएंगी और वित्तीय व्यवहार्यता के लिए वीजीएफ के माध्यम से सहायता भी प्रदान की जाएगी।

ग्रुप-ए की परियोजनाओं के लिए प्रति स्थल न्यूनतम 10 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर अनिवार्य है (एक से अधिक स्थल चुनने पर अधिकतम 50 करोड़ तक), जबकि ग्रुप-बी के लिए न्यूनतम दो करोड़ रुपये प्रति स्थल (अधिकतम 10 करोड़) रखा गया है। विभाग का लक्ष्य राज्य की प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़कर सतत विकास, संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास)अभय कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) सुरेंद्र कुमार सिंह, मुख्य वन संरक्षक (आई.टी.) एस. चंद्रशेखर, विशेष सचिव आलोक कुमार, मुख्य वन संरक्षक अमित कुमार, बिहार इकोटूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के परियोजना निदेशक के. नेशामणी, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), बिहार के अध्यक्ष श्री गौरव साह, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के अध्यक्ष रामलाल खेतान सहित विभाग के अन्य अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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