, July 31 -- सभी सफाई निरीक्षकों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी प्रत्यक्ष निगरानी में सभी स्थायी, दैनिक एवं आउटसोर्सिंग एजेंसी के सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक तथा मैनुअल उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, सरकारी कार्य में व्यवधान डालता है अथवा कार्यरत सफाई कर्मियों को डराने, धमकाने या कार्य करने से रोकने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पटना नगर निगम द्वारा सफाई कर्मियों के यूनियन की वे सभी मांगें, जो निगम के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत थीं, पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त अन्य न्यायोचित मांगों को भी सक्षम एवं संबंधित स्तर पर विचारार्थ भेजा गया है।

अत: नगर आयुक्त सभी सफाई कर्मियों से अपील की कि वे शहरहित एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल अपने कार्य पर लौटें, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुचारु बनी रहे तथा उनकी शेष मांगों का समाधान भी आपसी संवाद एवं सकारात्मक वार्ता के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सके।

वर्तमान में पटना नगर निगम में कुल 647 स्थायी सफाई कर्मी, 3,816 दैनिक सफाई कर्मी तथा 4,822 आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध सफाईकर्मी कार्यरत हैं। नगर निगम इन सभी मानवबल एवं उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से राजधानी में स्वच्छता व्यवस्था को पूर्ण रूप से सामान्य बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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