, May 20 -- इस अवसर पर प्रशिक्षक के रूप में मौजूद सतीश तिवारी ने अनुशासनिक कार्रवाई के तहत बिना जांच दंड देने के अलग-अलग तीन प्रकारों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी सेवक को निलंबित करने का अधिकार अनुशासनिक प्राधिकार को होगा। उन्होंने अनुशासनिक कार्रवाई की दिशा में नियम 17 और 18 के प्रावधानों से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी सेवक को दो दंड नियुक्त करने वाले प्राधिकार का अधीनस्थ नहीं दे सकता, यह या तो नियुक्ति प्राधिकार या उससे भी उच्च स्तर के प्राधिकार का अधिकार है। श्री तिवारी ने कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन जरूरी है।

श्री तिवारी ने अनुशासनिक कार्रवाई और अनुशासनिक कार्यवाही के बीच के अंतर से भी सभी पदाधिकारी और कर्मचारियों को रूबरू कराया।

इस अवसर पर प्रशिक्षक शालिग्राम पांडेय के साथ कई दूसरे पदाधिकारी मौजूद थे।

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