, Sept. 1 -- पटना नगर निगम जलभराव वाले स्थानों पर पंपिंग, सफाई और राहत कार्यों को प्राथमिकता देने में प्राप्त सूचनाओं का उपयोग कर सकेगी। बुडको को जलनिकासी और पंपिंग व्यवस्था के संचालन के दौरान जमीनी स्थिति की जानकारी मिलेगी। वहीं, यातायात पुलिस को जलमग्न सड़कों की जानकारी मिलने से यातायात प्रबंधन, डायवर्जन अथवा वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने में सहायता मिलेगी ।'आब प्रहरी' का एक महत्वपूर्ण पक्ष इसका डेटा आधारित उपयोग है। बारिश के दौरान अलग-अलग दिनों और स्थानों से मिलने वाली रिपोर्टों का विश्लेषण कर यह समझने में मदद मिल सकती है कि पटना के कौन-से इलाके बार-बार जलभराव की चपेट में आते हैं| यदि किसी स्थान पर हर वर्ष या बार-बार बारिश के बाद पानी जमा होता है, तो यह जानकारी भविष्य में उस क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था, ड्रेनेज क्षमता, पंपिंग व्यवस्था और अन्य आवश्यक हस्तक्षेपों की योजना बनाने में उपयोगी हो सकती है।

'आब प्रहरी' के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त रियल-टाइम रिपोर्टिंग को पटना के शहरी बाढ़ प्रबंधन प्रयासों से जोड़ा गया है। यह प्रणाली आईआईटी दिल्ली के तकनीकी सहयोग से विकसित की गई है।

आब प्रहरी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और जल्दी ही आईओएस पर भी उपलब्ध होगा।

आमजन अपने मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं ।पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान यदि किसी स्थान पर जलभराव दिखाई दे तो सुरक्षित स्थान से स्पष्ट तस्वीर लेकर 'आब प्रहरी' ऐप पर सही लोकेशन के साथ रिपोर्ट करें।

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