, April 12 -- यह रैंकिंग एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस), जीविका और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के साथ समन्वय में की जाएगी। राज्य, जिला, प्रखंड और संकुल स्तर पर अलग-अलग रैंकिंग तैयार की जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा।

इससे पहले बिहार में स्वच्छता अभियान, पोषण माह, हाथ धुलाई दिवस और मिशन सक्षम आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर जोर दिया जा रहा है। अब स्वच्छता रैंकिंग इन प्रयासों को और मजबूती देगी। अच्छी रैंकिंग वाले केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

विभाग के अनुसार, यह रैंकिंग नियमित रूप से हर तीन माह में आयोजित की जाएगी। इससे न केवल बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

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