दरभंगा , अगस्त 07 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय मैथिली विभाग में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर, सत्र 2026-28 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए वर्गारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार मेहता ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. मेहता ने कहा कि अध्ययनशील और अनुशासित विद्यार्थी ही अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति सदैव जागरूक रहते हुए निरंतर अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभाग की गरिमा और प्रतिष्ठा अब विद्यार्थियों के हाथ में है। विद्यार्थी अपने उत्कृष्ट आचरण, अनुशासन एवं शैक्षणिक उपलब्धियों से विभाग का नाम गौरवान्वित करें।
प्रो. मेहता ने विद्यार्थियों को नये पाठ्यक्रम से परिचित कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन बौद्धिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण चरण है। नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विभाग की शैक्षणिक परंपराओं का सम्मान करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन और शोधपरक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
विभागीय प्राचार्य प्रो. दमन कुमार झा ने कहा कि स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों में शोधात्मक अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित होनी चाहिए। निरंतर अध्ययन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन के विभिन्न आयामों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने नियमित कक्षा में उपस्थित रहने तथा अपनी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए शिक्षकों से संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।
वरीय सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिलाषा कुमारी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, बौद्धिक विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने का अवसर भी है।
वरीय सहायक प्राध्यापक डॉ. सुनीता कुमारी ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ विभागीय शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने, पुस्तकालय का समुचित उपयोग करने तथा भाषा और साहित्य के प्रति गहरी रुचि विकसित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन वरीय सहायक प्राध्यापक डॉ. सुरेश पासवान ने किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना विद्यार्थियों पर निर्भर है। किसी भी प्रकार की शैक्षणिक कठिनाई होने पर विभाग के सभी शिक्षक समाधान एवं मार्गदर्शन के लिए सदैव तत्पर हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित