, March 13 -- बतौर मुख्य अतिथि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान युग संचार क्रांति का युग है। इस युग में एटॉमिक प्रोसेस, लेजर तकनीक एवं टेराहर्ट्ज प्रौद्योगिकी की भूमिका काफी बढ़ जाती है। एटॉमिक प्रोसेस के अध्ययन से जहां संचार प्रणाली की क्षमता और दक्षता बढ़ती है। वहीं ऑप्टिकल फाइबर में डेटा भेजने के लिए लेजर प्रकाश स्रोत के रूप में प्रयोग होता है जिससे उच्च गति इंटरनेट, केबल टीवी और लंबी दूरी के संचार में लेजर अत्यंत आवश्यक है। वहीं नैनो टेक्नोलॉजी से बने पदार्थ ऑप्टिकल फाइबर की संवेदनशीलता, मजबूती और दक्षता को बढ़ाते हैं। निष्कर्षतः कहें तो 6जी, हाई-स्पीड इंटरनेट व इमेजिंग तकनीक की दिशा में ऑप्टिकल फाइबर की भूमिका भविष्य में अहम साबित हो सकती है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य डॉ. शंभु कुमार यादव ने अपने स्वागत भाषण में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी, आगत अतिथि, शिक्षक, शोधार्थी व छात्र-छात्राओं का स्वागत व अभिनंदन करते हुए कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना कम्युनिकेशन है और कम्युनिकेशन के लिये ऑप्टिकल फाइबर का आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक है। ऑप्टिकल फाइबर विश्व स्तर पर कम्युनिकेशन के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। इसीलिए कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। ऑप्टिकल फाइबर का यूज कर हम कम्युनिकेशन को और तेज रफ्तार दे सकते हैं।
तकनीकी सत्र में जेएनयू के सहायक प्राध्यापक डॉ. आलोक सिंह झा, आईआईईएसटी कोलकाता की डॉ. कुमारी स्वाति, आईआईटी पटना के सह प्राध्यापक डॉ. नवीन निश्छल, नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र के विभागाध्यक्ष सह एकेयू पटना के पूर्व कुलसचिव डॉ. राकेश कुमार सिंह एवं जेएनयू के डॉ. शिल्पी अग्रवाल आदि ने विस्तार से इस विषय पर तकनीकी सत्र में अपनी-अपनी बातों को रखा।
विषय प्रवेश भौतिकी विभाग के डॉ. वेद प्रकाश झा, मंच संचालन हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. सुप्रिता शालिनी एवं धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. एस. एम. ए. एच. नोमानी ने किया।
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