बिलासपुर , मार्च 25 -- ) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के बीच गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला आज सामने आया है।

सरकारी पोल्ट्री फार्म में बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद उनके शवों को खुले में फेंक दिए जाने से आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गयी है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी देखी जा रही है।

गौरलतब है कि, कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिसर में पिछले कुछ दिनों से मुर्गियों की अचानक मौत का सिलसिला शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते बढ़ता गया। पांच दिनों के भीतर पांच हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राज्य पशु चिकित्सा विभाग को सूचित किया था, जिसके बाद विशेषज्ञ टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में भोपाल स्थित प्रयोगशाला ने एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई।

प्रारंभिक तौर पर पोल्ट्री प्रबंधन की ओर से समय पर सूचना न देने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि शुरुआती चरण में ही स्थिति की जानकारी उच्च स्तर पर दी जाती, तो नुकसान को कम किया जा सकता था।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मृत पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के बजाय खमतराई क्षेत्र के ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास खुले स्थान पर डाल दिया गया, जिससे दुर्गंध फैल गई और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए।

खमतराई क्षेत्र के निवासियों से आज मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

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