बिलासपुर , अप्रैल 06 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। संक्रमण के संभावित फैलाव को देखते हुए अब केंद्रीय विशेषज्ञ टीम ने स्थिति की कमान संभाल ली है।

गत 24 मार्च को बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत के चलते पूरे इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे।

हालात का जायजा लेने पहुंची चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि संक्रमण फैलने की वजह अप्रवासी पक्षी हो सकते हैं। टीम ने सैंपलिंग, सैनिटाइजेशन और अन्य नियंत्रण उपायों की विस्तार से समीक्षा की है।

केंद्रीय टीम अगले दो दिनों तक पूरे इलाके में सर्वे करेगी और स्थिति पर नजर बनाए रखेगी। वहीं प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीन सप्ताह तक सभी प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया है।

इस बीच कुक्कुट प्रक्षेत्र बंद होने से करीब आठ से नौ करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर से आने वाले पक्षियों के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित