बिलासपुर , अगस्त 05 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-कोरबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से नौ मवेशियों की मौत हो गई, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ग्रामीणों और गौसेवकों में नाराजगी है। उन्होंने राजमार्ग पर सुरक्षा बाड़ लगाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा तय करने और गौ सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
पुलिस ने इस हादसे की बुधवार को जानकारी दी। यह हादसा बिलासपुर जिले के कोनी थाना क्षेत्र में हुआ। मंगलवार सुबह गतौरी के पास सड़क पर खून से लथपथ मवेशियों को देखकर ग्रामीणों और राहगीरों ने पुलिस तथा गौसेवकों को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायल नंदी का रेस्क्यू कर उसे छतौना स्थित गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, हादसे में मृत नौ मवेशियों का गौसेवकों ने अंतिम संस्कार किया।
गौरतलब है कि सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े को लेकर छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान न्यायालय राज्य सरकार और एनएचएआई को कई बार फटकार लगा चुका है। अदालत ने मुख्य सचिव और एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बावजूद हाईवे पर मवेशियों के आने का सिलसिला जारी है और सड़क हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।
हादसे के बाद सामाजिक संगठनों और गौसेवकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग पर गौ सुरक्षा बाड़ लगाने की मांग की है। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित करने, प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस की व्यवस्था करने और आवारा मवेशियों के लिए पर्याप्त शेड एवं चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
गौसेवकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हाईवे पर मवेशियों की मौत और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं आगे भी जारी रह सकती हैं।
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