बिलासपुर , मार्च 13 -- पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (आईपीएस) ने शुक्रवार को पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पुलिस बिलासपुर के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

वार्षिक निरीक्षण के दौरान परेड का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों और जवानों के टर्न-आउट की जांच की गई। उत्कृष्ट टर्न-आउट वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशंसा और पुरस्कार दिया गया, जबकि मानकों पर खरे नहीं उतरने वालों को दंडित किया गया। परेड में स्क्वाड ड्रिल, मार्चपास्ट, सलामी शस्त्र, शस्त्र अभ्यास, दिशा परिवर्तन, बलवा ड्रिल तथा फायरिंग अभ्यास कराया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत किया गया। परेड में 11 राजपत्रित अधिकारी, 17 निरीक्षक, 16 उपनिरीक्षक, 16 सहायक उपनिरीक्षक, 42 प्रधान आरक्षक, 178 आरक्षक और 46 महिला आरक्षक सहित कुल 326 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

परेड के बाद आयोजित पुलिस सम्मेलन में डीआईजी/एसएसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं। स्वास्थ्य, स्थानांतरण, वेतन, सेवा और आवास से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पुलिस मुख्यालय और रेंज मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों की जानकारी देते हुए मोबाइल पेट्रोलिंग, सतर्कता, जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर बल दिया गया।

उन्होंने सभी थाना-चौकी प्रभारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला व बाल सुरक्षा तथा नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। बीट प्रणाली को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति और जनता से संपर्क बढ़ाने से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है तथा अपराधों की रोकथाम में मदद मिलती है।

बैठक में बताया गया कि अनुभव एप और सशक्त एप के माध्यम से अब तक 20 से अधिक चोरी के वाहनों की बरामदगी की जा चुकी है। इन एप्स से थाना-चौकी की कार्यप्रणाली की नियमित फीडबैक भी प्राप्त हो रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को लापरवाही से बचते हुए पुलिस की छवि को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन कर उनके कार्यों की समीक्षा की गई। सभी शाखाओं का कार्य संतोषजनक पाया गया, साथ ही संसाधनों के रखरखाव, मरम्मत और समय पर उपयोग के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिला पुलिस के आधुनिकीकरण के तहत बलवा नियंत्रण व सुरक्षा सामग्री की खरीदी की गई है, जिससे लगभग 1000 जवानों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अलावा फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। पुलिस बल की सुविधा के लिए 16 बोलेरो, दो मालवाहक ट्रक और एक बस उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं कर्मचारियों के लिए 108 नए आवासीय क्वार्टर स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण पूरा होने पर पुलिस कर्मियों को आवास सुविधा का लाभ मिलेगा।

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