रांची , अप्रैल 03 -- झारखंड के रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस की मौत हो गई है।
तीन अप्रैल की सुबह चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद थे और भाकपा माओवादी के शीर्ष पद पर थे।
प्रशांत बोस की उम्र 75 साल से अधिक थी। जेल प्रशासन ने उनकी मौत के बाद शव को रिम्स भेजा दिया है। प्रशांत बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। नक्सली संगठन में प्रशांत बोस को किशन दा के नाम से जाना जाता था।
किशन दा पहले एमसीसीआई के प्रमुख थे। वर्ष 2004 में माओवादी कम्यूनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया (एमसीसीआई) और पिपुल्स वार (पीडब्लू) के विलय के बाद वह नये संगठन भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य बने थे।
प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी भी नक्सली संगठन से जुड़ी हुई है। 21 नवंबर 2021 को झारखंड पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
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