रांची , सितंबर 23 -- झारखंड आंदोलन के पुरोधा एवं समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक स्व. राज किशोर महतो की जयंती के अवसर पर सिल्ली एवं आजसू पार्टी मुख्यालय, रांची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर दोनों विभूतियों को नमन किया गया।
पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ स्व. बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर उनके विचारों और संघर्षों को याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अपने संबोधन में सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार केंद्र में थे। आज राज्य गठन के वर्षों बाद भी युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे गंभीर सवाल खड़े हैं।
श्री महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं ने मेहनत और उम्मीद के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है। लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की खबरें युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य के आंदोलनकारियों ने शिक्षा को परिवर्तन का हथियार माना, वहां युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष अवसर के लिए संघर्ष करना पड़े, यह गंभीर चिंता का विषय है।
बिनोद बाबू के विचारों को वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण को प्राथमिकता देनी होगी।
स्व. बिनोद बिहारी महतो का जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव में हुआ था। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया और 'पढ़ो और लड़ो' का संदेश दिया। वे झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे तथा 1980 से 1990 के बीच बिहार विधानसभा और 1991 में गिरिडीह लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।
वहीं, स्व. राज किशोर महतो का जन्म भी 23 सितंबर 1946 को हुआ था। वे गिरिडीह से लोकसभा सांसद तथा टुंडी से विधायक रहे और 2014 के विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी के प्रत्याशी के रूप में टुंडी से निर्वाचित हुए थे।
इस अवसर पर सिल्ली में पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, रांची जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, सिल्ली प्रखंड प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक, झारखंड आंदोलनकारी लक्ष्मी महतो सहित कई सम्मानित पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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