होशियारपुर , जून 30 -- धान की बुवाई के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को पंजाब के होशियारपुर में विभिन्न किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने पावरकॉम कार्यालयों के बाहर धरना देकर पंजाब सरकार और पावरकॉम के खिलाफ नारेबाजी की।

होशियारपुर में भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह राय के नेतृत्व में किसानों ने मॉडल टाउन स्थित पावरकॉम के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर पूर्वाह्न 10 बजे से दो घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने अभियंता को मांग पत्र सौंपते हुए किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। धरने में कीर्ति किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष जगतार सिंह भिंडर, किसान विंग शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरदीप सिंह खुनखुन तथा किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (पिड्डी ग्रुप) के जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुल्ला सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भारतीय किसान यूनियन (कादियां) के जिला अध्यक्ष पवित्र सिंह धुग्गा के नेतृत्व में किसानों ने होशियारपुर-टांडा मार्ग पर बुल्लोवाल टी-प्वाइंट पर सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप था कि कृषि मोटरों को लंबे समय तक बिजली नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शन के दौरान पावरकॉम के अधिशासी अभियंता हरमिंदर सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि अगले दो दिनों तक कृषि क्षेत्र को छह घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी तथा इसके बाद प्रतिदिन आठ घंटे बिजली उपलब्ध करायी जाएगी। आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर यातायात बहाल कर दिया।

किसान नेता मनजीत सिंह राय ने आरोप लगाया कि सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिन के समय बिजली देने का वादा किया था, लेकिन किसानों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही। उन्होंने फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कृषि मोटरों को प्रतिदिन 16 घंटे बिजली देने की मांग की। किसान संगठनों ने मांग की कि कृषि मोटरों के लिए धान के सीजन में प्रतिदिन 16 घंटे निर्बाध बिजली तथा घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करायी जाये।

इसके अलावा किसानों ने 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर बदलने, ट्रांसफार्मरों के परिवहन की जिम्मेदारी पावरकॉम द्वारा उठाने, ट्रांसफार्मर चोरी के मामलों में पावरकॉम की ओर से स्वयं प्राथमिकी दर्ज कराने, उपभोक्ताओं की इच्छा के विरुद्ध स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर हटाने वाले उपभोक्ताओं पर लगाये गये 10 प्रतिशत जुर्माना बिल वापस लेने तथा पुराने मैकेनिकल मीटर बहाल करने की मांग भी की।

प्रदर्शनकारियों ने पावरकॉम में रिक्त पदों को भरने, निजी थर्मल प्लांटों के साथ हुए समझौतों को रद्द करने और निजी ठेकेदारों द्वारा कराये गये कथित घटिया कार्यों की जांच कराने की भी मांग उठायी।

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