पटियाला , सितंबर 14 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बिजली संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को पीएसपीसीएल कार्यालय तक पहुंचने से रोक दिया।
श्री वडिंग ने आरोप लगाया कि बिजली संकट सरकार के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि निवर्तमान पीएसपीसीएल अध्यक्ष बसंत गर्ग की नियुक्ति के लिए नियमों में बदलाव किया गया और उन्होंने करीब 300 दिनों के कार्यकाल में केवल 20 दिन कार्यालय में उपस्थित होकर काम किया। उन्होंने पीएसपीसीएल के निदेशक उत्पादन की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि तत्कालीन निदेशक हरजीत सिंह को हटाकर कथित तौर पर अयोग्य व्यक्ति को पद दिया गया। उन्होंने कहा कि कमजोर मानसून के पूर्वानुमान के बावजूद कृषि क्षेत्र की बिजली जरूरतों के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई।
उन्होंने कोयले की कमी को बिजली संकट का कारण मानने से इनकार करते हुए कहा कि पंजाब के पास अपना कोयला स्रोत है। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लेहरा मोहब्बत और रोपड़ संयंत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ। उन्होंने बिजली खरीद की दर पांच रुपये से बढ़कर 8.10 रुपये प्रति यूनिट होने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि बिजली की खरीद कथित बिचौलियों के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कृषि क्षेत्र की मुफ्त बिजली के लिए 22,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी में से 7,000 करोड़ रुपये के हिसाब पर भी सवाल उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने ऋण लेने के लिए कथित तौर पर दिए गए कमीशन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि 10,000 करोड़ रुपये के ऋण के लिए 150 करोड़ और 25,000 करोड़ रुपये के ऋण के लिए 340 करोड़ रुपये कमीशन दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में पंजाब 25 वर्ष पीछे चला गया है। श्री वारिंग ने बताया कि कांग्रेस मंगलवार को सचिन पायलट के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर वित्त मंत्री हरपाल चीमा को हटाने की मांग करेगी। उन्होंने गुलजार सिंह की मौत के मामले में भी न्याय की मांग की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित