बैतूल , मार्च 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पंचायतों पर बढ़ते बिजली बिल और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर सोमवार को सरपंच संगठनों ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

सरपंच एकता महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश कुमरे, सरपंच संघ के प्रदेश सचिव रामा इवने और जिलाध्यक्ष महेश रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सरपंच कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पंचायतों की आर्थिक स्थिति और पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही परेशानियों से प्रशासन को अवगत कराया।

सरपंचों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांवों में नल-जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिसके संचालन के लिए पंचायतों द्वारा बिजली कनेक्शन लेकर मोटर चलाकर पानी की सप्लाई की जाती है। कई गांवों में सीमित दिनों तक ही पानी मिलने के कारण ग्रामीण नियमित रूप से जलकर का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जलकर की वसूली नहीं होने से पंचायतों पर बिजली बिल का बोझ लगातार बढ़ रहा है। वहीं पंचायतों के खातों में पंद्रहवें वित्त आयोग सहित अन्य मदों से पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण बिलों का भुगतान करना कठिन हो गया है। इस बीच बिजली विभाग द्वारा लगातार बिल जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है और कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है।

सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि पंचायतों के बिजली कनेक्शन काटे गए तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाएगी और आम ग्रामीणों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि पंचायतों के बकाया बिजली बिल का भुगतान शासन स्तर पर कराया जाए तथा तब तक बिजली कनेक्शन न काटे जाएं।

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