भोपाल , मार्च 27 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में प्रस्तावित बिजली दरों में 4.80 प्रतिशत वृद्धि के विरोध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इसे जनविरोधी निर्णय बताया है और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जबकि पहले से ही महंगाई के कारण लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रदेश में बिजली दरों में 22 से 24 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है और अब एक बार फिर दरों में बढ़ोतरी की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 50 यूनिट की दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इसके अलावा फ्यूल सरचार्ज के रूप में अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की गलत नीतियों का परिणाम बताते हुए बिजली कंपनियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

पत्र में पटवारी ने सरकार से सवाल किया कि हर साल घाटे का हवाला देकर आम उपभोक्ताओं पर ही भार क्यों डाला जाता है और क्या गलत प्रबंधन तथा भ्रष्टाचार का बोझ जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने ईवी चार्जिंग पर दी जा रही छूट को भी भ्रम बताया और कहा कि इससे आम उपभोक्ताओं को कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा, जबकि बिजली दरों में वृद्धि का असर हर घर पर पड़ेगा।

पटवारी ने सरकार से बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने, फ्यूल सरचार्ज की पारदर्शी समीक्षा कराने, बिजली कंपनियों के घाटे की स्वतंत्र जांच कराने तथा गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।

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