भिवानी , जून 01 -- हरियाणा के सिवानी झूम्पा से सोनीपत तक प्रस्तावित 400 केवी विद्युत टावर लाइन के लिए भूमि मुआवजे के मुद्दे पर सोमवार को जिला प्रशासन और प्रभावित किसानों के बीच संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त साहिल गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त बाबू लाल कारवा, विभिन्न उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा सीटीएम मौजूद रहे। किसानों की ओर से किसान सभा के पदाधिकारियों और प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
किसानों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि टावरों के लिए निर्धारित भूमि मूल्यांकन दरें काफी कम हैं। उनका तर्क था कि भिवानी जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है और यहां की कृषि भूमि हिसार जिले की तुलना में अधिक उपजाऊ है। साथ ही भूजल की स्थिति भी बेहतर है, इसलिए किसानों को हिसार के बराबर या उससे बेहतर मुआवजा मिलना चाहिए।
किसान नेताओं ने कहा कि वर्तमान दरें किसानों के हितों के अनुरूप नहीं हैं और इससे प्रभावित किसानों में असंतोष है। उन्होंने प्रशासन से न्यायोचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रशासन ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि हिसार के समान कीमत निर्धारण की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने इस संबंध में संबंधित प्राधिकरणों से चर्चा कर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करने के लिए कुछ समय मांगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित