भोपाल , सितंबर 09 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को बिजली कंपनी के कनिष्ठ अभियंता (जेई) अरपित उपाध्याय को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर पुराने बिजली चोरी के प्रकरण का निपटारा कराने और नया बिजली मीटर लगवाने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई लोकायुक्त के डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई।

जानकारी के अनुसार आवेदक तारीक सिद्दीकी ने नया बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान पुराने बिजली चोरी के प्रकरण का निपटारा कराने और नया मीटर लगाने के बदले उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत की रकम को लेकर तारीक सिद्दीकी की राजेंद्र बरवड़े से बातचीत हुई थी। इसके बाद रकम लेने के लिए जेई अरपित उपाध्याय ने आवेदक को छोला स्थित विद्युत कार्यालय बुलाया।

रिश्वत मांगे जाने की शिकायत आवेदक ने लोकायुक्त से की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार दोपहर करीब एक बजे आवेदक 20 हजार रुपये लेकर छोला स्थित विद्युत कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई ने रिश्वत की रकम ली, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।

लोकायुक्त टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की 20 हजार रुपये की रकम बरामद की। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील पाटीदार के अनुसार मामले में रिश्वत मांगने और रकम लेने में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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