चंडीगढ़ , सितंबर 20 -- हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने रविवार को रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को ज्ञापन सौंपकर राज्य में समानांतर लाइसेंसिंग, कृषि क्षेत्र के लिए अलग बिजली वितरण कंपनी और स्मार्ट मीटरिंग का विरोध करने की मांग की।
हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलजीत बेनीवाल ने कहा कि ज्ञापन पर एचपीईए, एचएसईबीडब्ल्यूयू, एएचपीसीडब्ल्यूयू तथा एचपीसी एससी/एसटी और बीसी के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने हुड्डा से इन मुद्दों को सभी सार्वजनिक मंचों पर उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
संगठन का दावा है कि इन दोनों जिलों से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) को करीब 40 प्रतिशत राजस्व मिलता है और निजी कंपनी के प्रवेश से निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।
श्री बेनीवाल ने कृषि क्षेत्र के लिए अलग डिस्कॉम को भी अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय और प्रशासनिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
मोर्चे ने इन प्रस्तावों को बिजली क्षेत्र के अप्रत्यक्ष निजीकरण की दिशा में कदम बताते हुए कहा कि वह उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और अभियंताओं के हितों में इनके खिलाफ आंदोलन कर रहा है।
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