नयी दिल्ली , अक्टूबर 09 -- सरकार ने बिजली क्षेत्र में कोयले की कमी से बिजली संयंत्रों के बंद होने की आशंका को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि अक्टूबर में अब तक बिजली क्षेत्र को कोयले की औसत दैनिक आपूर्ति सितंबर की तुलना में नौ प्रतिशत बढ़ी है।
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि बिजली संयंत्रों में कोयले के कम भंडार को लेकर चिंता जताने वाली कुछ मीडिया खबरों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह स्तर निर्धारित मानकों के आधार पर शुरुआती चेतावनी का संकेतक है। इसका यह अर्थ नहीं है कि संयंत्र में कोयला समाप्त हो गया है या वहां तत्काल बिजली उत्पादन बंद होने का खतरा है।
मंत्रालय के अनुसार, बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति में सुधार हुआ है। सितंबर में कोयले के भंडार में औसतन 2.43 लाख टन प्रतिदिन की कमी हो रही थी, जबकि अक्टूबर में यह घटकर 1.16 लाख टन प्रतिदिन रह गई है।
कोयला मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर में बिजली क्षेत्र के लिए रेलवे के जरिये प्रतिदिन औसतन 465 से अधिक रेक कोयला भेजा गया। लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन 470 रेक का लक्ष्य भी हासिल किया गया। सड़क परिवहन सहित आपूर्ति के अन्य माध्यमों से भी कोयला भेजने में सुधार हुआ है।
मंत्रालय ने कहा है कि कम भंडार वाले बिजली संयंत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार कोयले का पुनर्वितरण किया जा रहा है। कम भंडार वाले संयंत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रतिदिन 465 से 475 रेक की आपूर्ति से स्थिति को स्थिर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति बनाए रखने के लिए रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के साथ समन्वय किया जा रहा है।
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