पटियाला , अगस्त 26 -- पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसटीसीएल) के इंजीनियरों की एसोसिएशन ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा 27 अगस्त को सामूहिक आकस्मिक अवकाश के आह्वान के बीच अपने सदस्यों से निर्धारित कार्य समय के अनुसार ही ड्यूटी करने का फैसला किया है।
एसोसिएशन ने बुधवार को पीएसटीसीएल के सीएमडी को पत्र भेजकर लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि पंजाब सरकार के कर्मचारी और विभिन्न विभागों, बोर्डों तथा निगमों के कर्मचारी राज्य के प्रशासनिक एवं विकास तंत्र की रीढ़ हैं। बिजली क्षेत्र के इंजीनियर और कर्मचारी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा से जुड़े होने के कारण विशेष जिम्मेदारी निभाते हैं और कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था को बनाये रखने में योगदान देते हैं।
पत्र में कहा गया कि पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल के इंजीनियरों समेत विभिन्न कैडरों में व्याप्त असंतोष लंबे समय से लंबित जायज मांगों के समाधान में देरी का परिणाम है। इनमें असिस्टेंट इंजीनियरों के प्रारंभिक वेतनमान में सुधार, वेतनमान के बकाया और लंबित डीए किस्तों का भुगतान, 17 जुलाई 2020 के पंजाब सरकार के पत्र को रद्द करना, पंजाब सरकार के कर्मचारियों की तुलना में वेतन संबंधी अंतर बहाल करना, पुरानी पेंशन योजना लागू करना और अन्य वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल है।
एसोसिएशन के महासचिव अजय पाल सिंह अटवाल ने बुधवार को त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने, कर्मचारियों की कमी दूर करने तथा बिजली क्षेत्र की परिसंपत्तियों की बिक्री से संबंधित फैसलों को लेकर कर्मचारियों की चिंताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देशों के बावजूद लंबित डीए और अन्य बकाया किस्तों का भुगतान शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते अधिकांश कर्मचारी यूनियनों ने 27 अगस्त को एक दिन के सामूहिक आकस्मिक अवकाश का फैसला किया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि बिजली ढांचे की सुरक्षा और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन कर्मचारियों की जायज मांगों को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता।
पत्र के अनुसार, 27 अगस्त को सभी इंजीनियर 'वर्क टू रूल' कार्यक्रम का पालन करेंगे। वे केवल निर्धारित कार्य समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अपनी ड्यूटी करेंगे। शिफ्ट ड्यूटी पर तैनात इंजीनियर केवल अपनी निर्धारित शिफ्ट में काम करेंगे। निर्धारित समय के बाद या निर्धारित जिम्मेदारियों से बाहर कोई अतिरिक्त ड्यूटी नहीं की जाएगी।
एसोसिएशन ने प्रबंधन से औद्योगिक शांति, कर्मचारियों के मनोबल और राज्य के बिजली क्षेत्र के निर्बाध संचालन के हित में लंबित मामलों के समाधान के लिए रचनात्मक और संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की है।
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