भिवानी , अक्टूबर 22 -- हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रही बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा ने प्रदर्शन किया। किसान सभा के सदस्यों ने बीटीएम चौक से जुलूस निकाला और हड़ताली कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा की तहसील भिवानी प्रधान संतोष देशवाल, जिला प्रधान रामफल देशवाल, जिला उपप्रधान कामरेड ओम प्रकाश तथा सीटू नेता सुखदर्शन सरोहा, सुखदेव पालवास और एटक-सीपीआई से जुड़े फूल सिंह इंदौरा ने किया।
किसान सभा और सीटू के नेताओं ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने से किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने आशंका जताई कि निजीकरण से बिजली महंगी हो सकती है और युवाओं के रोजगार के अवसरों पर भी असर पड़ सकता है।
नेताओं ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जैसे क्षेत्रों को अलग करने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे शेष क्षेत्रों में बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संसाधनों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने एग्री डिस्कॉम बनाने और स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली वितरण व्यवस्था में बदलाव की नीति पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, बिजली की लागत बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसानों, सिंचाई, छोटे उद्योगों और दुकानदारों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
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