रांची , मई 04 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर भीषण गर्मी तथा बढ़ते तापमान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने‑अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल‑संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल‑स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां भी समस्या की सूचना मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए।
श्री सोरेन ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर की खराबी तथा आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
श्री सोरेन ने निर्देश दिए कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव और लू से प्रभावित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था रहे। आवश्यक दवाइयों, ओ.आर.एस., पेयजल, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
श्री सोरेन ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें, जहां भी जाएं, वहां की तस्वीरें भी भेजें। साथ ही, स्थानीय लोगों से अनिवार्य रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।
श्री सोरेन ने कहा कि गर्मी की इस स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य‑सुविधाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी उपायुक्त राज्य सरकार के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए आवश्यक राहत एवं देय सुविधाओं को प्रभावी रूप से प्रबंधित करेंगे।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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