भदोही , मई 15 -- उत्तर प्रदेश में भदोही जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों को एक मामले में दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि विजय मिश्रा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध एक व्यक्ति को मारपीट कर बंधक बनाने, परिवार को प्रताड़ित करने, जान से मारने की धमकी देने तथा फर्जी वसीयत तैयार कराकर जबरन चल-अचल पैतृक संपत्ति बेटे विष्णु मिश्रा के नाम कराने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

उन्होंने बताया कि वादी की तहरीर पर गोपीगंज पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी प्रवेश तिवारी की प्रभावी पैरवी के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया।

विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) एवं अपर सत्र न्यायाधीश पुष्पा सिंह ने अभियुक्त विजय मिश्रा पुत्र स्वर्गीय रामदेव मिश्रा निवासी धनापुर कौलापुर थाना गोपीगंज को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1.76 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया, वहीं उनकी पत्नी रामलली मिश्रा को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1.75 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पुत्र विष्णु मिश्रा को भी 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1.65 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

इसके अलावा रूपा मिश्रा पत्नी विष्णु मिश्रा को धारा 120बी सहपठित धारा 420 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाते हुए चार वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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