पटना , अक्टूबर 05 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को कहा कि कम उम्र में साहित्य के क्षेत्र में आदर्श भारद्वाज की उपलब्धियां अत्यंत प्रेरणादायक हैं और उनकी साहित्यिक प्रतिभा पर पूरे बिहार को गर्व है।
श्री तिवारी ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर अवसर और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे उनकी प्रतिभा का निरंतर विकास हो और वे भविष्य में बिहार एवं देश का नाम रोशन कर सकें।
शिक्षा मंत्री ने सोमवार को विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में 11 वर्षीय बाल साहित्यकार आदर्श भारद्वाज से मुलाकात के दौरान उक्त बातें कहीं। उन्होंने आदर्श को सम्मानित किया और उनकी साहित्यिक उपलब्धियों की सराहना की।
आदर्श ने महज 11 वर्ष की उम्र में नौ पुस्तकें लिखकर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उनकी प्रकाशित पुस्तकों में मैथिली भाषा में लिखी गयी बाल यात्रा-वृत्तांत 'नन्हकी आँखिसं भूटान' भी शामिल है। लंदन के वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से उन्हें विश्व के सबसे युवा लेखक के खिताब से सम्मानित किया गया है। हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से उन्हें 'वंडर ब्वॉय ऑफ इंडिया' सम्मान भी प्रदान किया गया।
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