बुलंदशहर , फरवरी 16 -- बुलंदशहर जिले के ककोड़ क्षेत्र के गांव सुनपेड़ा में कथित बाल विवाह रुकवाने पहुंची चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की टीम को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा जब टीम नाबालिग दुल्हन को अपने संरक्षण में लेने लगी। इस दौरान विवाह स्थल पर हंगामे और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि मुखबिर की सूचना पर सीडब्ल्यूसी टीम मौके पर पहुंची थी। जांच के उपरांत दुल्हन को नाबालिग पाए जाने पर टीम ने उसे संरक्षण में ले लिया। इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सीडब्ल्यूसी की तहरीर पर थाना ककोड़ में 18 महिला-पुरुषों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले को निपटाने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि बालिग होने तक लड़की को वन स्टॉप सेंटर से नारी निकेतन भेजने की बात कही गई।
पुलिस ने रिश्वत के आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा है कि प्रकरण की जांच की जा रही है तथा सभी आरोपों का परीक्षण किया जाएगा। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई गई है।
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