बैतूल , अप्रैल 23 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के आमला विकासखंड के खारी गांव में प्रशासन ने अंतिम समय पर हस्तक्षेप कर एक बाल विवाह रुकवा दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब बारात आने वाली थी और विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिसखान पंचायत अंतर्गत खारी गांव में एक परिवार अपनी नाबालिग बेटी की शादी की तैयारी कर रहा था। छिंदवाड़ा जिले से बारात आने वाली थी और घर में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं। सूचना मिलने पर एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया के निर्देशन में टीम मौके पर पहुंची।

जांच के दौरान लड़की के दस्तावेजों में विरोधाभास पाया गया। जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड में उम्र बालिग दर्शाई गई, जबकि आंगनवाड़ी रिकॉर्ड और सर्वे पंजी में उसे नाबालिग बताया गया। अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर उसकी वास्तविक उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।

प्रशासन ने तत्काल विवाह रुकवाया और समझाइश के बाद परिजन भी सहमत हो गए। उन्होंने लड़की की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने का आश्वासन दिया। हालांकि इस कार्रवाई से परिवार ने असंतोष जताया और कहा कि यदि पहले सूचना दी जाती तो उन्हें आर्थिक और सामाजिक असहजता का सामना नहीं करना पड़ता। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठे हैं।

वही गांव में लंबे समय से तैयारियां चल रही थीं, इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। सीडीपीओ निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर पहले समझाइश दी गई थी, लेकिन परिवार नहीं माना। प्रशासन ने मामले में लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अमले के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

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