पटना , जून 01 -- च्चों में कैंसर की समय पर पहचान और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के शिशु रोग विभाग ने बिहार पेडिकॉन 2026 के प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप के रूप में "नेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम - प्रैक्टिकल पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी" का आयोजन किया। यह कार्यक्रम बाल कैंसर के क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए ज्ञान, कौशल और अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच साबित हुआ।
कार्यशाला में बिहार के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए 25 प्रतिभागियों जिनमें स्नातकोत्तर प्रशिक्षु, शिशु रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग अधिकारी शामिल थे। सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल कैंसर की शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार और समन्वित देखभाल के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों में कैंसर की समय पर पहचान और उचित रेफरल व्यवस्था हजारों बच्चों के जीवन को बचा सकती है। उन्होंने बाल कैंसर देखभाल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और बहुविषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
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