अलवर , जुलाई 16 -- राजस्थान में कोटपुतली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी को मृत्यु होने तक के कारावास की सजा सुनायी है।
न्यायाधीश ने अभियुक्त सुमित (18) को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया। कोटपूतली-बहरोड़ के पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने गुरुवार को बताया कि बहरोड़ थाना क्षेत्र में 17 मई 2026 को एक बालिका से दुष्कर्म की घटना हुई थी। पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मजबूत साक्ष्य जुटाये और बेहद कम समय में अदालत में प्रभावी चार्जशीट पेश कर दी।
उन्होंने बताया कि मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेते हुए पुलिस ने गवाहों को समय पर अदालत में पेश कराया और लोक अभियोजक ने प्रभावी पैरवी की। मजबूत साक्ष्यों और त्वरित अनुसंधान के कारण आरोपी को बच निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन थानाधिकारी एवं अनुसंधान अधिकारी अंकित सामरिया की भूमिका अहम रही।
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