पौड़ी , मार्च 26 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड थलीसैंण में ब्लॉक एक्शन टास्क फोर्स की बैठक उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बाल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उपजिलाधिकारी ने बालिकाओं के सशक्तिकरण को लेकर गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों से सुझाव भी मांगे और निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी विद्यालयों तक अनिवार्य रूप से पहुंचायी जाए। इसके लिए प्रधानाचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि राजकीय महाविद्यालय थलीसैंण में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बालक-बालिकाओं को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध हो सके।

उन्हाेंने अपनी एक विशेष मुहिम के तहत थलीसैंण से "देश सेवा की शुरुआत" कार्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए, जिसकी शुरुआत 29 मार्च से की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत बच्चों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक तीन माह में "लंच विद एसडीएम" कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिससे बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा जा सके।

इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि फ्योंली अभियान को और प्रभावी बनाते हुए कुपोषित बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समुचित पोषण और देखभाल मिल सके।

वहीं बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी ने भी बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बालिकाओं, किशोरियों एवं महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य, एनीमिया, स्वच्छता और शिक्षा से संबंधित जानकारी दी जा रही है। साथ ही विद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा कानूनों की जानकारी भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई, जबकि पुलिस विभाग ने किशोरी शक्ति एप, साइबर क्राइम एवं अन्य सुरक्षा विषयों की जानकारी दी।

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