बैतूल , जून 04 -- मध्यप्रदेश के बैतूल स्थित बालाजीपुरम मंदिर परिसर में जूता स्टैंड को लेकर हुए विवाद के दौरान मंदिर कर्मचारियों पर कथित हमले के बाद मंदिर प्रबंधन ने विरोध स्वरूप मंदिर को अनिश्चितकालीन अवधि के लिए बंद करने की घोषणा की है। प्रबंधन ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में जूता स्टैंड पर कार्यरत सुनील जागड़े ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि गुरुवार दोपहर कुछ श्रद्धालु दर्शन के बाद अपने जूते-चप्पल लेने पहुंचे। निर्धारित शुल्क मांगने पर विवाद शुरू हो गया और संबंधित लोगों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें आंख, हाथ और पैर में चोटें आईं।
शिकायत के अनुसार शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे उनके सहयोगी मुकेश भारद्वाज पर भी लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में मुकेश के सिर, कंधे और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। बाद में अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी वहां से चले गए।
आरोप है कि कुछ समय बाद संबंधित लोग अन्य व्यक्तियों के साथ दोबारा मंदिर परिसर पहुंचे और गाली-गलौज तथा हंगामा किया। शिकायत में कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद घायलों का उपचार कराया गया तथा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मंदिर के संस्थापक सेम वर्मा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मंदिर सेवकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्व में भी प्रशासन से कई बार आग्रह किया गया था, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, मंदिर परिसर में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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