हैदराबाद , अगस्त 14 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. के. नारायण ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी विश्वविद्यालय (नालसार) के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया के कदम की आलोचना करते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
उन्होंने कहा कि नालसार के छात्रों की राय न्यायपालिका के भीतर हो रही घटनाओं को लेकर बढ़ती नाराजगी को दिखाती है और उनका विरोध इसी असंतोष का इजहार था।
डॉ. नारायण ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध करने के अधिकार को दबाने की कोशिशें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं और जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक ताकतें ऐसी कोशिशों का उचित जवाब देंगी। उन्होंने नालसार विश्वविद्यालय में कई जजों के आने और जाने की बात करते हुए कहा कि व्यक्ति स्थायी नहीं होते और संस्थान बना रहेगा।
डॉ. नारायण ने संवैधानिक मूल्यों, न्याय और असहमति जताने के अपने अधिकार की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने पर नालसार के छात्रों को बधाई दी।
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