कोलकाता , जुलाई 06 -- पश्चिम बंगाल पुलिस ने बारुईपुर में एक नाबालिग की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की कुल संख्या दो हो गयी है।

जांच के लिए तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को रविवार को गिरफ़्तार किया गया और उसे सोमवार को बारुईपुर अदालत में पेश किया जाएगा। शुरुआती गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल बाकी संदिग्धों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। रात भर छापेमारी जारी रही, जिसके बाद दूसरी गिरफ़्तारी हुई और तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।

शनिवार से लापता 12 साल की एक लड़की का शव रविवार सुबह एक तालाब से बरामद किया गया।

लाश मिलने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और रविवार को दिन भर हिंसक घटनाएं सामने आयीं। यह आरोप भी लगा कि गुस्साई भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

इस घटना की जांच के लिए छह सदस्यों वाला एक विशेष जांच दल (एसआईटी) पहले ही बनाया जा चुका है। अब तक बारुईपुर घटना के सिलसिले में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किये गये हैं।

एक मामला नाबालिग की हत्या से जुड़ा है, दूसरा मामला युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या से संबंधित है, और तीसरा मामला पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों को लेकर दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिये गये तीनों लोगों से नाबालिग की हत्या मामले में भी पूछताछ की जा रही है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि लड़की के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या की गयी। पुलिस ने हालांकि इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। रविवार रात को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो गयी और पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट से मौत की वजह और यह पता चलेगा कि क्या पीड़िता का यौन उत्पीड़न हुआ था। इसके आधार पर अन्य आरोप जोड़े जाएंगे।

पीड़ित के पिता ने बताया कि रविवार को उन्होंने एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता से फ़ोन पर बात की थी और उन्हें उचित जांच का भरोसा दिलाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मंगलवार को भवानी भवन आने के लिए कहा गया था। आईजी (प्रेसिडेंसी रेंज) कंकर प्रसाद बरुई ने कहा कि अपराध के लिए ज़िम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला। रविवार रात पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। तृणमूल कांग्रेस के एक गुट ने दावा किया कि यह तैनाती उन्हें बारुईपुर जाने से रोकने के लिए की गयी थी।

खबर है कि रात में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने वीडियो कॉल के ज़रिए पीड़ित परिवार से बात की, जबकि पार्टी नेताओं का दावा है कि सुश्री बनर्जी ने भी उनसे फ़ोन पर बात की थी।

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