बैतूल , जुलाई 17 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए निर्मित सीमेंट-कांक्रीट की सुरक्षा दीवार मामूली बारिश के बाद ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच तथा जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मध्य रेल के नागपुर मंडल द्वारा मुलताई रेलवे स्टेशन से ग्राम परमंडल रेलवे गेट तक अप लाइन के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था। दीवार का उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर मवेशियों और बाहरी लोगों की आवाजाही रोकना तथा रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि काली मिट्टी वाले क्षेत्र में नियमानुसार मुरम की परत मिलने तक पर्याप्त गहराई में खुदाई कर आरसीसी कॉलम स्थापित किए जाने चाहिए थे, लेकिन सतही खुदाई कर कॉलम खड़े कर दिए गए। इसके कारण बारिश के बाद मिट्टी कमजोर पड़ गई और दीवार का एक हिस्सा ढह गया।

हाल में हुई बारिश के बाद बैतूल रोड स्थित ट्रैक्टर शोरूम के सामने करीब 100 फीट लंबी सुरक्षा दीवार कॉलम सहित जमीन पर गिर गई। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता तो मामूली बारिश में दीवार नहीं गिरती। उनका आरोप है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की उचित निगरानी नहीं की गई।

नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार की जवाबदेही तय करने तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच के बाद ही निर्माण संबंधी आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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