पटना , जून 11 -- ानसून के दौरान शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने तथा निर्बाध जल निकासी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम की ओर से लगातार फील्ड स्तर पर निगरानी और समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार की सुबह नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने वार्ड संख्या 24, 25, 26 एवं 27 का व्यापक निरीक्षण किया। बारिश के दौरान किया गया यह निरीक्षण वास्तविक जमीनी परिस्थितियों का आकलन करने और उन स्थलों की पहचान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ, जहां जलनिकासी की गति अपेक्षाकृत धीमी है अथवा जलजमाव की समस्या बनी रह सकती है।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नौ संवेदनशील स्थलों पर जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की तथा संबंधित अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को त्वरित एवं दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के समीप तिराहे के पास जलजमाव की समस्या का अवलोकन किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के तहत सुपर सकर मशीन के माध्यम से वहां जलनिकासी की कार्रवाई की गई है।
नगर आयुक्त ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिये पथ निर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम आवास के सामने जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त द्वारा जलजमाव के समाधान के लिए ह्यूम पाइप बिछाकर ज्ञान भवन अथवा गांधी मैदान परिसर के अंदर स्थित नाले से जोड़ने के निर्देश दिये। तात्कालिक व्यवस्था के तहत पंप सेट के माध्यम से जलनिकासी कराई गई।
गांधी मैदान गेट संख्या-5 के सामने क्राइस्ट चर्च डायोसेसन स्कूल के निकट जलजमाव की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि भूमिगत नाले की सफाई की आवश्यकता है।
नगर आयुक्त ने रात्रि में सड़क को नियंत्रित रूप से काटने, नाले की सफाई कराने तथा तत्पश्चात सड़क को पूर्ववत पुनर्स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और जलनिकासी व्यवस्था सुचारु हो सके।
मोक्ष द्वार (बांस घाट) के सामने जलनिकासी की धीमी गति को लेकर अधिकारियों ने अवगत कराया कि क्षेत्र का नाला काफी पुराना है, जिसके कारण पानी निकलने में समय लगता है।
नगर आयुक्त ने अभियंताओं को नाले की तकनीकी जांच कर आवश्यकतानुसार ह्यूम पाइप लगाने तथा जलनिकासी क्षमता को बेहतर बनाने के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
दुजरा स्थित श्रीराज अपार्टमेंट (टीसीएस ऑफिस) के समीप निरीक्षण के दौरान नाले के ध्वस्त होने तथा चैंबर के पास गड्ढा पाए जाने पर नगर आयुक्त ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल गड्ढे को लाल कपड़े से घेरने, अस्थायी रूप से ह्यूम पाइप लगाकर जलनिकासी सुनिश्चित करने तथा शीघ्र गड्ढे को भरने के निर्देश दिए।
बुद्धा कॉलोनी में एस.के. पुरी पार्क गेट संख्या-8 के सामने दोनों ओर बने चैंबरों को आपस में लिंक करने के निर्देश दिए गए ताकि जलनिकासी की क्षमता बढ़ाई जा सके। इसके अतिरिक्त पार्क के गेट संख्या-1 के सामने स्थित चैंबर को खुलवाकर नाले की उड़ाही की स्थिति की जांच की गई। नगर आयुक्त ने क्षेत्र में त्वरित जलनिकासी सुनिश्चित करने के लिए नाले पर ग्रेटिंग लगाने तथा आवश्यकतानुसार ह्यूम पाइप लगाने के निर्देश दिए।
किदवई पुरी क्षेत्र में ध्वस्त नाले की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पथ निर्माण विभाग को तत्काल सूचित करने तथा समस्या के शीघ्र एवं स्थायी समाधान के लिए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त नेहरू नगर, तारामंडल एवं अन्य स्थलों का भी निरीक्षण किया गया, जहां जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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