श्रीनगर , अप्रैल 02 -- जम्मू कश्मीर में बारामूला की पुलिस ने एक कांस्टेबल की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए आम लोगों के साथ दुराचार के मामले में दी गई सजा को बरकरार रखा है।

पुलिस के अनुसार, जांच में पाया गया था कि पुलिस पोस्ट बाबरेशी में तैनात सैयद सज्जाद अहमद स्थानीय दुकानदारों से बिना भुगतान किए बार-बार सामान लेते थे, जबकि उन्हें पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी। संबंधित कर्मी का आचरण बार-बार, जानबूझकर किया गया और पुलिस अधिकारी के पद के अनुरूप नहीं था, जिससे जनता के विश्वास को ठेस पहुंची।

इस मामले में पहले 'तीन वर्षों के लिए एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने' की सजा दी गई थी, जिसे पुनर्विचार के बाद भी पूरी तरह बरकरार रखा गया है। याचिका में व्यक्तिगत कठिनाइयों और पश्चाताप का हवाला दिया गया था, लेकिन किसी नए तथ्य या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि का पता नहीं चला, जिससे मूल आदेश में हस्तक्षेप उचित नहीं माना गया।

पुलिस ने कहा कि दुराचार की गंभीरता और जनता के विश्वास पर उसके प्रभाव को देखते हुए यह सजा उचित और अनुपातिक है।

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