श्रीनगर , जुलाई 10 -- जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिला प्रशासन ने 11 जुलाई को होने वाले 25वें मुहर्रम के आयोजन से पहले सिंहपोरा के मिर्चीमार गांव में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

बारामूला के जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार यह कदम विरोधी गुटों के बीच टकराव और शांतिभंग होने की आशंका के मद्देनजर उठाया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत लगाए गए ये प्रतिबंध 10 जुलाई की रात 8:30 बजे से 11 जुलाई की रात 10 बजे तक मिर्चीमार, मल्ला मोहल्ला और पट्टन अनुमंडल के आस-पास के इलाकों में लागू रहेंगे।

प्रशासन ने बताया कि बारामूला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने रिपोर्ट दी थी कि इमामबाड़गाह चेनाबल से काकरपोरा मीरगुंड तक राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए एक 'मजलिस-ए-हुसैनी' और उसके बाद एक धार्मिक जुलूस निकाला जाना है, जिसमें लगभग 40,000 से 45,000 शोक मनाने वाले लोग शामिल होंगे। उसी दिन एक विरोधी गुट द्वारा मीरगुंड के इमामबाड़गाह मिर्चीमार में एक और मजलिस और जुलूस की योजना बनाई गई है।

एसएसपी की रिपोर्ट में मल्ला मोहल्ला स्थित इमामबाड़गाह मिर्चीमार को बहुत संवेदनशील जगह बताते हुए कहा गया है कि दोनों गुटों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चली आ रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बडगाम जिले के हार्डू पंजू में हाल ही में हुई एक घटना ने गुटों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

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