मुंबई , अप्रैल 07 -- कांग्रेस पार्टी ने बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे और राज्य सभा सांसद श्री पार्थ पवार के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए इसे उनकी "राजनीतिक अपरिपक्वता" करार दिया है।
श्री पार्थ पवार ने पहले दावा किया था कि बारामती सीट पर कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने का राज्यभर में राजनीतिक असर पड़ेगा। यह सीट 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी।
कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक नए सांसद, जो कथित तौर पर पारिवारिक विरासत के कारण राजनीति में आए हैं, उनके लिए पार्टी की स्थिति पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि श्री पार्थ पवार ने अपने पिता की "संदिग्ध दुर्घटना में मौत" के बाद चुप्पी साधे रखी, जो राजनीतिक सुविधा का संकेत है।
कांग्रेस ने बताया कि इस घटना से जुड़ी प्राथमिकी कर्नाटक में दर्ज की गई थी, जहां पार्टी की सरकार है। साथ ही, बारामती उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार श्री आकाश मोरे ने महाराष्ट्र में भी इसी तरह का मामला दर्ज करने की मांग की है और कहा है कि यदि ऐसा होता है तो वे चुनाव से हटने को तैयार हैं।
इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने भी श्री पार्थ पवार की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारामती उपचुनाव निर्विरोध होना जरूरी नहीं है और कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने का पूरा अधिकार है।
सोमवार को श्रीमती सुनेत्रा पवार ने आगामी उपचुनाव के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया।
गौरतलब है कि 6 अप्रैल को श्री पार्थ पवार ने बयान दिया था कि कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार (आकाश मोरे) उतारना महाराष्ट्र में पार्टी के "पतन की शुरुआत" साबित होगा, जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
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