बाराबंकी , सितंबर 8 -- लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े जा रहे हैं पानी के चलते बाराबंकी जिले के रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी ने रौद्र रूप देखने को मिल रहा है । नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के साथ कटान का खतरा भी गंभीर होता जा रहा है। आज सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बाढ़ का पानी आसपास के करीब 60 गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हेतमापुर, सुंदरनगर, जमका, खुज्जी, ललपुरवा, कोडरी, बाबापुरवा, केदारीपुर, बेलहरी, मदरहा और डिहुवा समेत कई गांवों में आवागमन प्रभावित हुआ है। हेतमापुर में सरयू की तेज धारा ने बंद पड़े दूरसंचार केंद्र के भवन को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में भवन भरभराकर नदी में समा गया। इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। नदी लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है।

हेतमापुर में एक मंदिर कटान की जद में आ गया है एक मकान का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। कई अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। कटान का खतरा बढ़ने के बाद ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़कर ईंट, लकड़ी और दूसरे सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। सुंदरनगर के बाढ़ पीड़ित तटबंध पर डेरा डालकर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सरयू की तेज धारा और भंवर के कारण जमीन तेजी से कट रही है। कई स्थानों पर बोल्डर और पत्थर डालकर कटान को रोका जा सकता है। कटान की सूचना मिलने पर एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह हेतमापुर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली। तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि सरयू की तेज धारा के सामने कटानरोधी बचाव कार्य चुनौती बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है साथ नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। सरयू का बढ़ता जलस्तर और तेजी से हो रही कटान ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है।

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