बाराबंकी , अक्टूबर 29 -- उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले की एक अदालत ने किशोरी के अपहरण और उससे दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देकर उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष.लोकअभियोजक अजय सिंह सिसोदिया ने बताया कि थाना सुबेहा के एक गांव की महिला ने 17 मार्च 2024 की शाम रिपोर्ट लिखाई थी कि दिन में लगभग 11:00 बजे उसकी 14 वर्षीया नाबालिग पुत्री पीड़िता घर के सामने सड़क पर गई थी तभी गांव का रहने वाला संजय जो अक्सर उसके गांव आता जाता था उसकी बेटी/पीड़िता को बहला फुसला कर अपने साथ भगा ले गया।
वादिनी ने उसे काफी ढूँढा लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला तो रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अभियुक्त संजय के विरूद्ध अपहरण का मामला पंजीकृत किया था।विवेचना के दौरान पुलिस ने 30 मार्च 2024 को पीड़िता को बरामद किया था। उसने पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए गए बयानों में बताया था कि अभियुक्त संजय उसे अपने साथ पानीपत ले गया था,वहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद अपहरण और दुष्कर्म करने पर पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी की धाराओं में आरोपित न्यायालय में प्रेषित किया था। कोर्ट में भी पीड़िता ने कोर्ट में सशपथ बयान में संजय द्वारा उसे नौकरी दिलाने के नाम पर अपने साथ पानीपत ले जाना कहा था और वहां उसके साथ कई बार रेप करने की बात बताई थी।कोर्ट पर अभियोजन ने पीड़िता सहित 6 गवाह परीक्षित करवाए। कोर्ट में गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जज ने संजय को पीड़िता के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।
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