बारां , अगस्त 13 -- राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर गुरुवार को अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के आरक्षण की निकली लॉटरी के परिणाम के अनुसार बारां नगर परिषद के सभापति पद को सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
आरक्षण की घोषणा के साथ ही नगर परिषद बारां में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
बारां नगर परिषद में पिछली बार सभापति का पद अनुसूचित जाति (एससी) महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। इस बार आरक्षण बदलकर सामान्य महिला वर्ग किए जाने से सामान्य वर्ग की महिला दावेदारों के लिए सभापति पद की दावेदारी का रास्ता खुल गया है। अब आगामी चुनाव में नगर परिषद के पार्षदों के बीच से सामान्य महिला वर्ग की निर्वाचित पार्षद सभापति पद की दौड़ में शामिल हो सकेंगी।
बारां शहर में नगर निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से राजनीतिक हलचल बनी हुई है।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों में संभावित महिला प्रत्याशियों के नामों को लेकर मंथन शुरू होगा। दावेदार अपने-अपने वार्डों में सक्रियता बढ़ाने के साथ पार्टी स्तर पर टिकट के लिए प्रयास करेंगे। वहीं, राजनीतिक दल भी वार्डवार समीकरण, महिला आरक्षण और स्थानीय सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों के चयन की रणनीति तैयार करेंगे।
बारां नगर परिषद क्षेत्र में 90 हजार से अधिक मतदाता आगामी चुनाव में अपने वार्ड के पार्षदों का चयन करेंगे। इन्हीं निर्वाचित पार्षदों के माध्यम से नगर परिषद के सभापति का चुनाव होगा। ऐसे में सभापति पद के आरक्षण के साथ ही पार्षद चुनाव की तस्वीर भी महत्वपूर्ण हो गई है।
राजनीतिक दलों के सामने अब अधिक से अधिक वार्डों में मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की चुनौती रहेगी। आरक्षण की लॉटरी के बाद अब शहर के राजनीतिक गलियारों में संभावित दावेदारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सामान्य महिला वर्ग के लिए सभापति पद आरक्षित होने से कई महिला नेत्रियों और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में टिकट वितरण और वार्डवार चुनावी समीकरणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित